भारत-US FTA अटकी, लेकिन EU के साथ बड़ी डील! MSME और किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा – अब जानें ब्रुसेल्स की ताजा बातचीत

“भारत और यूरोपीय संघ ने ब्रुसेल्स में उच्च-स्तरीय वार्ता की, जहां किसानों और MSME की सुरक्षा पर जोर दिया गया। भारत-US FTA में रुकावटें बनीं, लेकिन EU के साथ समझौता निर्णायक चरण में पहुंचा, जो भारतीय उद्योगों को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूती देगा।”

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर ब्रुसेल्स में महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जहां दोनों पक्षों ने किसानों और MSME की रक्षा को प्राथमिकता दी। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने EU व्यापार आयुक्त मारोश शेफचोविच से मुलाकात में नियम-आधारित व्यापार प्रणाली पर सहमति जताई। इस समझौते से भारतीय MSME को यूरोपीय बाजारों में आसान पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात में 20-25% की वृद्धि संभव है। किसानों के लिए सुरक्षात्मक उपाय शामिल किए जाएंगे, जैसे कि कृषि उत्पादों पर न्यूनतम टैरिफ और सब्सिडी संरक्षण।

भारत-US FTA में बाधाएं बनी हुई हैं, जहां अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक के बयानों पर भारत ने खंडन किया। दोनों देशों के बीच 2025 में कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन रूसी तेल आयात और टैरिफ मुद्दों पर सहमति नहीं बनी। अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 26% टैरिफ लगाया, जो चुनिंदा वस्तुओं पर 50% तक पहुंच गया। इससे भारतीय निर्यातकों को नुकसान हुआ, लेकिन EU FTA इस कमी को पूरा कर सकता है।

EU के साथ समझौता 2025 की डेडलाइन से चूक गया, लेकिन अब निर्णायक दौर में है। दोनों पक्षों ने MSME के लिए विशेष प्रावधानों पर सहमति जताई, जैसे कि तकनीकी सहायता और फंडिंग सपोर्ट। किसानों को लाभ मिलेगा, क्योंकि समझौता कृषि निर्यात को बढ़ावा देगा, विशेष रूप से फल, सब्जी और प्रोसेस्ड फूड में।

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मुख्य बिंदु:

MSME लाभ: EU बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच से छोटे उद्यमों की निर्यात क्षमता बढ़ेगी। अनुमानित 15% अतिरिक्त रोजगार सृजन।

किसान सुरक्षा: कृषि उत्पादों पर कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म के खिलाफ सुरक्षा, जिससे भारतीय किसानों की आय स्थिर रहेगी।

वैश्विक एकीकरण: भारतीय उद्योग EU सप्लाई चेन में शामिल होंगे, जो ऑटोमोटिव और फार्मा सेक्टर को बूस्ट देगा।

सेक्टरसंभावित लाभप्रभावित क्षेत्र
MSMEनिर्यात में 20% वृद्धिटेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट
किसानसब्सिडी संरक्षणफल-सब्जी, डेयरी
कुल अर्थव्यवस्थाGDP में 0.5% योगदानवैश्विक सप्लाई चेन एकीकरण

यह समझौता भारत की व्यापार विविधता को मजबूत करेगा, जहां US पर निर्भरता कम होगी। EU के साथ वार्ता में निवेश समझौते पर भी फोकस रहा, जो MSME को तकनीकी अपग्रेडेशन में मदद करेगा। किसानों के लिए विशेष क्लॉज शामिल हैं, जैसे कि जीआई टैग वाले उत्पादों की सुरक्षा।

Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट, स्रोतों पर आधारित है।

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