“टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ से नीचे गिरा, SBI और ICICI बैंक ने पीछे छोड़ा। IT सेक्टर में AI की वजह से बिकवाली बढ़ी, जबकि PSU बैंक मजबूत कमाई से चमके। अब टॉप 5 में Reliance, HDFC Bank, Bharti Airtel, SBI और ICICI Bank शामिल।”
टाटा की सबसे मूल्यवान कंपनी के लिए बुरा दिन, देश की टॉप 5 कंपनियों की लिस्ट से बाहर, समझें क्या रही वजह?
भारतीय शेयर बाजार में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। टाटा ग्रुप की सबसे बड़ी और मूल्यवान कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) पहली बार लंबे समय बाद देश की टॉप 5 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची से बाहर हो गई है। यह घटना फरवरी 2026 में हुई, जब TCS का मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ के नीचे चला गया और यह आंकड़ा दिसंबर 2020 के बाद सबसे कम स्तर पर पहुंचा।
वर्तमान में भारत की टॉप 5 सबसे मूल्यवान कंपनियां इस प्रकार हैं:
Reliance Industries – लगभग ₹19.8-19.9 लाख करोड़
HDFC Bank – लगभग ₹14.2 लाख करोड़
Bharti Airtel – लगभग ₹11.5 लाख करोड़
State Bank of India (SBI) – लगभग ₹10.9 लाख करोड़
ICICI Bank – लगभग ₹10.2 लाख करोड़
TCS का मार्केट कैप अब ₹9.97-10.5 लाख करोड़ के बीच है, जो SBI और ICICI Bank से कम हो गया। SBI ने Q3 में रिकॉर्ड ₹21,028 करोड़ का मुनाफा कमाया, जिससे उसके शेयरों में 11% की तेजी आई और मार्केट कैप बढ़कर ₹10.9 लाख करोड़ हो गया। ICICI Bank ने भी मजबूत प्रदर्शन से TCS को पीछे छोड़ दिया।
TCS के शेयर पिछले कुछ दिनों में 4-5% तक गिरे, 52-सप्ताह के निचले स्तर ₹2,752-2,776 पर पहुंचे। Nifty IT इंडेक्स में 4% से ज्यादा की गिरावट आई, जिससे सेक्टर की कुल वैल्यू में ₹1-1.3 लाख करोड़ की कमी आई। TCS के अलावा Infosys, Wipro, HCL Tech और Tech Mahindra जैसे अन्य IT स्टॉक्स भी 3-5% गिरे।
मुख्य वजहें:
AI Disruption का डर : ग्लोबल स्तर पर AI टूल्स जैसे Anthropic के Claude Cowork ने IT सर्विसेज के पारंपरिक काम जैसे कोडिंग, कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू और कंप्लायंस को ऑटोमेट करने की क्षमता दिखाई। निवेशक चिंतित हैं कि AI से IT कंपनियों की वैल्यू चेन सिकुड़ सकती है, प्राइसिंग प्रेशर बढ़ेगा और ग्रोथ रेट गिरेगा। यह “SaaSpocalypse” जैसी स्थिति पैदा कर रहा है।
ग्लोबल टेक सेलऑफ : अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट मजबूत आने से फेडरल रिजर्व के रेट कट की उम्मीद कम हुई। Wall Street पर टेक स्टॉक्स गिरे, जिसका असर भारतीय IT ADR और घरेलू शेयरों पर पड़ा।
बैंकिंग सेक्टर की रोटेशन : PSU और प्राइवेट बैंक मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और Q3 कमाई से चमक रहे हैं। SBI की Q3 नेट प्रॉफिट 24% बढ़ी, जबकि TCS की Q3 में 13.9% की गिरावट आई (₹10,657 करोड़)। मार्केट में रोटेशन हो रहा है – IT से बैंकिंग की ओर फंड शिफ्ट हो रहा है।
TCS लंबे समय से टॉप 5 में रही है, लेकिन AI की वजह से ग्लोबल IT सेक्टर में अनिश्चितता बढ़ी है। कंपनी AI, क्लाउड और साइबरसिक्योरिटी पर फोकस कर रही है, लेकिन निवेशक निकट अवधि में रिकवरी की उम्मीद कम कर रहे हैं।
यह बदलाव भारतीय अर्थव्यवस्था में बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है, जबकि IT सेक्टर को AI से नई चुनौतियां मिल रही हैं। निवेशकों को अब सेक्टर रोटेशन और AI इंपैक्ट पर नजर रखनी चाहिए।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट बाजार की वर्तमान स्थिति पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा है, कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।