भारत के इस्पात उद्योग के प्रमुख स्तंभ जतिंदर मेहरा का 24 फरवरी को 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। एस्सार ग्रुप के धातु एवं खनन प्रभाग के वाइस चेयरमैन रहे मेहरा ने छह दशकों से अधिक के करियर में विजाग स्टील प्लांट, राष्ट्रीय इस्पात निगम और एस्सार स्टील जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स को आकार दिया। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता और नेतृत्व ने भारतीय स्टील सेक्टर की विकास यात्रा को मजबूत बनाया। उद्योग जगत में शोक की लहर है।
जतिंदर मेहरा: भारतीय स्टील उद्योग के युग पुरुष का अंतिम सफर
जतिंदर मेहरा भारतीय इस्पात और धातु क्षेत्र के उन चुनिंदा नेताओं में से थे जिन्होंने देश की औद्योगिक नींव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका निधन 24 फरवरी को हुआ, जब वे 86 वर्ष के थे। मेहरा एस्सार ग्रुप के धातु एवं खनन प्रभाग के वाइस चेयरमैन के पद पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने ग्रुप की स्टील रणनीति को दिशा प्रदान की।
उनका करियर छह दशकों से अधिक लंबा रहा, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। 1980 के दशक में वे राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रहे, जहां उन्होंने विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (विजाग स्टील) को स्थापित करने और परिचालन में लाने में अहम योगदान दिया। यह प्लांट आज भारत की स्टील उत्पादन क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा है और देश की आत्मनिर्भरता में योगदान दे रहा है।
मेहरा की विशेषज्ञता तकनीकी और परिचालन दोनों स्तरों पर थी। उन्होंने स्टील उत्पादन प्रक्रियाओं में नवाचारों को बढ़ावा दिया, लागत नियंत्रण पर जोर दिया और पर्यावरण मानकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभाई। एस्सार ग्रुप में शामिल होने के बाद उन्होंने मेटल्स एंड माइनिंग डिवीजन की कमान संभाली, जहां एस्सार स्टील के विस्तार और आधुनिकीकरण में उनकी रणनीतिक दृष्टि काम आई। एस्सार स्टील ने उनके मार्गदर्शन में कई चुनौतियों का सामना किया और ग्रुप की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को मजबूती प्रदान की।
उन्हें 2022 में इंडियन स्टील एसोसिएशन (ISA) द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था, जहां केंद्रीय इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान उनके 50 वर्षों से अधिक के योगदान को मान्यता था, जिसमें उन्होंने स्टील इंडस्ट्री को तकनीकी उन्नति, कुशल प्रबंधन और राष्ट्रीय विकास से जोड़ा।
मेहरा की नेतृत्व शैली स्पष्टता, प्रतिबद्धता और टीम प्रेरणा पर आधारित थी। उन्होंने कई ट्रांसफॉर्मेशनल प्रोजेक्ट्स को विचार से वास्तविकता में बदला, जिससे हजारों रोजगार सृजित हुए और भारत की स्टील क्षमता में इजाफा हुआ। एस्सार परिवार ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है, उन्हें भारतीय स्टील इंडस्ट्री का सम्मानित वेटरन और दूरदर्शी नेता बताया है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि मेहरा का जाना एक युग का अंत है। आज जब भारत 300 मिलियन टन से अधिक स्टील उत्पादन लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, मेहरा जैसे दूरदर्शियों की नींव पर ही यह संभव हो पा रहा है। उनके द्वारा स्थापित मानक आज भी कई कंपनियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
एस्सार ग्रुप में उनके योगदान के अलावा, मेहरा Essar Capital के वाइस चेयरमैन और ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में भी सक्रिय रहे, जहां उन्होंने ग्रुप की निवेश रणनीतियों को मजबूत किया। उनकी तकनीकी गहराई और व्यावहारिक दृष्टिकोण ने स्टील सेक्टर में कई चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।
प्रमुख योगदान और उपलब्धियां
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की स्थापना और सफल संचालन में नेतृत्व
RINL के सीएमडी के रूप में सार्वजनिक क्षेत्र में स्टील उत्पादन को बढ़ावा
एस्सार ग्रुप में मेटल्स एंड माइनिंग डिवीजन की रणनीतिक दिशा
2022 में ISA लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्राप्ति
छह दशकों में स्टील इंडस्ट्री के तकनीकी और परिचालन नवाचार
उनके निधन से स्टील सेक्टर में शोक की लहर है। कई पूर्व सहयोगी और उद्योग संगठन उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं, उनकी विरासत को याद करते हुए जो भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ के रूप में बनी रहेगी।
Disclaimer: यह एक समाचार रिपोर्ट है।