“भारत की अर्थव्यवस्था ने ट्रंप प्रशासन के 50% टैरिफ और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद मजबूत प्रदर्शन किया है। FY26 में 7.3% से 7.4% की ग्रोथ के साथ भारत ने जापान को पीछे छोड़ चौथा सबसे बड़ा अर्थतंत्र बन लिया है, और अब जर्मनी को पछाड़कर 2028-2030 तक तीसरा स्थान हासिल करने की मजबूत स्थिति में है। घरेलू मांग, निवेश और रिफॉर्म्स ने बाहरी चुनौतियों को काउंटर किया है।”
भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बीच भी तेजी से आगे बढ़ रही है। 2025 के अंत तक भारत ने जापान को पीछे छोड़ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया, जहां नाममात्र जीडीपी 4.18 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। आईएमएफ के अनुसार 2026 में भारत की नाममात्र जीडीपी 4.51 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो जापान के 4.46 ट्रिलियन से अधिक है।
ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ ने भारतीय निर्यात को प्रभावित किया, खासकर टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल्स और सीफूड सेक्टर में। ये टैरिफ रूसी तेल आयात के जवाब में लगाए गए, जिससे अमेरिका के साथ ट्रेड में 48 बिलियन डॉलर से अधिक के निर्यात पर असर पड़ा। कई सेक्टरों में निर्यात 70% तक गिरने का अनुमान था, जिससे रोजगार और राजस्व पर दबाव बढ़ा।
फिर भी, भारत ने इन टैरिफ्स का मुकाबला मजबूती से किया। घरेलू मांग मजबूत रही, ग्रामीण आय में सुधार हुआ, टैक्स रिफॉर्म्स और जीएसटी नियमों से फायदा मिला। सरकारी कैपेक्स फ्रंट-लोडिंग और मॉनेटरी ईजिंग ने ग्रोथ को सपोर्ट किया। आईएमएफ ने FY26 के लिए भारत की ग्रोथ फोरकास्ट को 7.3% तक बढ़ाया, जबकि सरकार के एडवांस अनुमान 7.4% पर हैं। आरबीआई ने भी FY26 के लिए 7.3% का अनुमान दिया।
मिडिल ईस्ट संकट ने तेल की कीमतों को 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा दिया, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ। भारत 90% कच्चे तेल का आयात करता है, जिसमें मिडिल ईस्ट से बड़ा हिस्सा आता है। हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से इन्फ्लेशन 0.2-0.25% बढ़ सकता है, करंट अकाउंट डेफिसिट चौड़ा होता है और रुपया कमजोर होता है। सब्सिडी पर अतिरिक्त बोझ 4-6 बिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है।
लेकिन भारत ने इन चुनौतियों पर भारी पड़ते हुए रेजिलिएंस दिखाया। मजबूत घरेलू कंजम्पशन, प्राइवेट इन्वेस्टमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर पुश ने बाहरी शॉक्स को ऑफसेट किया। विभिन्न एजेंसियां भारत को G20 की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था मान रही हैं।
वैश्विक जीडीपी रैंकिंग में भारत की स्थिति (2026 प्रोजेक्शन, नाममात्र आधार पर):
अमेरिका: सबसे बड़ा
चीन: दूसरा
जर्मनी: तीसरा (अभी)
भारत: चौथा (4.51 ट्रिलियन डॉलर)
जापान: पांचवां (4.46 ट्रिलियन डॉलर)
भारत जर्मनी को पछाड़ने की राह पर है। सरकारी अनुमान के मुताबिक 2.5-3 साल में तीसरा स्थान मिल सकता है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स 2028 तक का समय बता रही हैं। 2030 तक जीडीपी 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्य ग्रोथ ड्राइवर्स:
मजबूत घरेलू मांग और रूरल इनकम बढ़ोतरी
कैपिटल एक्सपेंडिचर और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश
टैक्स और जीएसटी रिफॉर्म्स से बिजनेस आसान
सॉफ्ट इन्फ्लेशन और मॉनेटरी पॉलिसी सपोर्ट
हाई-टेक और सर्विस सेक्टर की मजबूती
ट्रंप टैरिफ और मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद भारत की ग्रोथ ट्रैजेक्टरी बरकरार है। यह रेजिलिएंस भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाए रख रही है, और जल्द ही टॉप-3 में जगह बनाने की ओर अग्रसर है।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट वर्तमान आर्थिक डेटा, प्रोजेक्शन्स और ट्रेंड्स पर आधारित है। आर्थिक अनुमान बदल सकते हैं।