“15 मार्च 2026 तक एडवांस टैक्स की चौथी और अंतिम किस्त चुकाना अनिवार्य है। यदि आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी 10,000 रुपये से अधिक है और पहले की किस्तों में कमी रही है, तो देरी पर सेक्शन 234B और 234C के तहत 1% प्रति माह ब्याज लगेगा, जो लंबे समय में बड़ा वित्तीय बोझ बन सकता है। समय पर भुगतान से जुर्माना और ब्याज से बचाव संभव है।”
एडवांस टैक्स डेडलाइन अलर्ट: 15 मार्च तक भुगतान जरूरी, नहीं तो होगा भारी नुकसान? यह आपके लिए कितना जरूरी
भारत में इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (एसेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए एडवांस टैक्स की चौथी और अंतिम किस्त का भुगतान 15 मार्च 2026 तक करना अनिवार्य है। यह तारीख रविवार होने के बावजूद प्रभावी रहेगी, क्योंकि टैक्स पेमेंट ऑनलाइन माध्यमों से 24×7 संभव है।
एडवांस टैक्स वे लोग भरते हैं जिनकी अनुमानित टैक्स लायबिलिटी (TDS/TCS कटौती के बाद) वित्तीय वर्ष में 10,000 रुपये या उससे अधिक होती है। इसमें सैलरीड व्यक्ति, प्रोफेशनल्स, बिजनेसमैन, फ्रीलांसर और सेल्फ-एम्प्लॉयड सभी शामिल हो सकते हैं, खासकर यदि उनकी आय में कैपिटल गेंस, बिजनेस प्रॉफिट, रेंटल इनकम या अन्य TDS-फ्री सोर्स से कमाई हो।
एडवांस टैक्स भुगतान का शेड्यूल (FY 2025-26)
| किस्त | देय तिथि | न्यूनतम भुगतान (कुल अनुमानित टैक्स लायबिलिटी का) |
|---|---|---|
| पहली किस्त | 15 जून 2025 | 15% |
| दूसरी किस्त | 15 सितंबर 2025 | 45% (कुल, पहले भुगतान घटाकर) |
| तीसरी किस्त | 15 दिसंबर 2025 | 75% (कुल, पहले भुगतान घटाकर) |
| चौथी किस्त | 15 मार्च 2026 | 100% (कुल, पहले भुगतान घटाकर) |
15 मार्च तक कुल 100% एडवांस टैक्स चुकाना होता है, अन्यथा शेष राशि पर ब्याज लागू होगा। प्रेसम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम (सेक्शन 44AD/44ADA) चुनने वाले टैक्सपेयर्स के लिए भी यही अंतिम तिथि लागू है, जहां पूरी लायबिलिटी एकमुश्त चुकाई जा सकती है।
देरी पर लगने वाला ब्याज और नुकसान
सेक्शन 234B : यदि वर्ष भर में भुगतान किया गया एडवांस टैक्स कुल असेस्ड टैक्स का 90% से कम रहता है, तो कमी वाली राशि पर 1% प्रति माह ब्याज लगता है (अप्रैल 2026 से भुगतान की तिथि तक)।
सेक्शन 234C : यदि किसी किस्त में निर्धारित प्रतिशत कम भरा गया, तो उस कमी पर 1% प्रति माह ब्याज लागू होता है। उदाहरण के लिए, यदि मार्च तक 10 लाख की लायबिलिटी पर केवल 80% (8 लाख) भरा, तो शेष 2 लाख पर 1% मासिक ब्याज चलेगा, जो ITR फाइलिंग के बाद भी जारी रह सकता है।
उदाहरण: मान लीजिए आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी 5 लाख रुपये है। यदि 15 मार्च तक केवल 3 लाख भरा गया, तो 2 लाख पर 234B के तहत 1% प्रति माह ब्याज लगेगा। यदि ITR जुलाई 2026 में फाइल करते हैं, तो 3-4 महीने का ब्याज (लगभग 6,000-8,000 रुपये) अतिरिक्त चुकाना पड़ सकता है। बड़े अमाउंट में यह 20-30% तक अतिरिक्त बोझ बन जाता है।
कौन-कौन से टैक्सपेयर्स को तुरंत चेक करना चाहिए
फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स जिनकी इनकम TDS से कवर नहीं होती।
स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी से कैपिटल गेंस वाले।
बिजनेस ओनर्स जिनका टर्नओवर बढ़ा हो।
सीनियर सिटीजन या HUF जहां इनकम 10,000 से अधिक टैक्सेबल हो।
पिछले वर्षों में 234B/234C नोटिस आए हों।
ऑनलाइन भुगतान कैसे करें
इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें।
‘e-Pay Tax’ विकल्प चुनें।
Challan 280 भरें (टाइप: Advance Tax – 100)।
नेट बैंकिंग, UPI, कार्ड या बैंक ब्रांच से पेमेंट करें।
BSR कोड और चालान नंबर सेव रखें, ITR में उपयोग होगा।
समय पर भुगतान से न केवल ब्याज बचता है, बल्कि टैक्स रिटर्न प्रोसेसिंग भी सुचारू रहती है। यदि अनुमान गलत साबित होता है, तो ITR में रिफंड क्लेम कर सकते हैं।