अदानी पावर के Q3 नतीजों में रेवेन्यू 12,717 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से थोड़ा कम है, जबकि PAT 2,488 करोड़ रुपये पर पहुंचा, लेकिन एक-बारगी इनकम कम होने से 15% गिरावट आई। टाटा पावर ने रेवेन्यू 14,485 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो 4% कम है, लेकिन EBITDA 12% बढ़कर 3,913 करोड़ रुपये हुआ और PAT 1% ऊपर 1,194 करोड़ रुपये रहा। रिन्यूएबल्स में टाटा पावर की ग्रोथ मजबूत है, जबकि अदानी पावर की ऑपरेशनल रेजिलिएंस बरकरार। ब्रोकरेज टार्गेट्स से टाटा पावर में 9-35% अपसाइड संभव, अदानी पावर में 19-22%। निवेशकों को टाटा पावर पर ज्यादा फायदा मिल सकता है, लेकिन रिस्क फैक्टर चेक करें।
Q3 FY26 के नतीजों ने पावर सेक्टर में अदानी पावर और टाटा पावर के बीच कड़ी टक्कर दिखाई है। जहां अदानी पावर ने रेवेन्यू में मामूली गिरावट दर्ज की, वहीं टाटा पावर ने EBITDA में मजबूत बढ़ोतरी हासिल की। दोनों कंपनियों की परफॉर्मेंस को डिटेल में देखें तो रिन्यूएबल एनर्जी और डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट में टाटा पावर आगे निकलता नजर आ रहा है, जबकि अदानी पावर की थर्मल पावर कैपेसिटी और लॉन्ग-टर्म PPA से स्थिरता बनी हुई है। निवेशक अब सोच रहे हैं कि किस स्टॉक पर दांव लगाना ज्यादा फायदेमंद होगा।
Q3 फाइनेंशियल हाइलाइट्स: अदानी पावर
अदानी पावर ने Q3 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12,717 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो पिछले साल के 13,434 करोड़ रुपये से थोड़ा कम है। यह गिरावट मुख्य रूप से मर्चेंट प्राइसेज कम होने और इंपोर्टेड कोल कॉस्ट्स के असर से आई। EBITDA 4,636 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 4,786 करोड़ रुपये से मामूली कम है, लेकिन ऑपरेशनल एफिशिएंसी से मार्जिन्स रेजिलिएंट बने। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 2,488 करोड़ रुपये पर पहुंचा, लेकिन एक-बारगी प्रायर पीरियड इनकम कम होने से यह 15% नीचे आया। पावर सेल्स 23.6 बिलियन यूनिट्स रही, जो पिछले साल की 23.3 बिलियन यूनिट्स से थोड़ी ज्यादा है। कंपनी ने नई 3,200 MW पावर पर्चेज एग्रीमेंट साइन किया, जो फ्यूचर ग्रोथ को सपोर्ट करेगा। टोटल डेट 45,331 करोड़ रुपये है, लेकिन लिक्विडिटी स्ट्रॉन्ग बनी हुई है।
Q3 फाइनेंशियल हाइलाइट्स: टाटा पावर
| पैरामीटर | Q3 FY26 (करोड़ रुपये) | Q3 FY25 (करोड़ रुपये) | YoY चेंज (%) |
|---|---|---|---|
| रेवेन्यू | 12,717 | 13,434 | -5.3 |
| EBITDA | 4,636 | 4,786 | -3.1 |
| PAT | 2,488 | 2,940 | -15.4 |
| पावर सेल्स (बिलियन यूनिट्स) | 23.6 | 23.3 | +1.3 |
टाटा पावर ने Q3 में रेवेन्यू 14,485 करोड़ रुपये रिपोर्ट किया, जो पिछले साल के 15,118 करोड़ रुपये से 4% कम है। लेकिन EBITDA 12% बढ़कर 3,913 करोड़ रुपये हो गया, जो रिन्यूएबल्स और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस की मजबूती से आया। PAT 1% ऊपर 1,194 करोड़ रुपये रहा। रिन्यूएबल्स सेगमेंट में PAT 156% बढ़कर 547 करोड़ रुपये, EBITDA 66% ऊपर 1,637 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 78% ग्रोथ के साथ 3,785 करोड़ रुपये पहुंचा। डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस का PAT 167% बढ़कर 746 करोड़ रुपये हुआ, जबकि ट्रांसमिशन PAT 80% ऊपर 166 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने 1.3 GW रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स एक्जीक्यूट किए और कुल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 16.3 GW पहुंची। रूफटॉप सोलर में 372 MWp ऐडिशन हुआ, जो कंज्यूमर बेस को 3 लाख से ऊपर ले गया।
स्टॉक परफॉर्मेंस और मार्केट रिएक्शन
| पैरामीटर | Q3 FY26 (करोड़ रुपये) | Q3 FY25 (करोड़ रुपये) | YoY चेंज (%) |
|---|---|---|---|
| रेवेन्यू | 14,485 | 15,118 | -4.2 |
| EBITDA | 3,913 | 3,481 | +12.4 |
| PAT | 1,194 | 1,188 | +0.5 |
| रिन्यूएबल्स रेवेन्यू | 3,785 | 2,127 | +78 |
Q3 नतीजों के बाद अदानी पावर के शेयर्स में 13% की तेजी आई, जो फिलहाल 152-155 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। वहीं टाटा पावर के शेयर्स में 2-3% गिरावट देखी गई, लेकिन यह 366 रुपये पर स्टेबल है। पिछले एक साल में अदानी पावर ने 65% रिटर्न दिया, जबकि टाटा पावर फ्लैट रहा। लेकिन लॉन्ग-टर्म में टाटा पावर की रिन्यूएबल फोकस से ज्यादा ग्रोथ पोटेंशियल है। अदानी पावर की थर्मल डिपेंडेंसी और डेट लेवल्स रिस्क फैक्टर हैं, जबकि टाटा पावर की डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो (रिन्यूएबल्स, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन) स्टेबिलिटी देती है।
ब्रोकरेज टार्गेट्स और रेकमेंडेशंस
ब्रोकरेज हाउसेज ने Q3 के बाद टार्गेट्स रिवाइज किए हैं। अदानी पावर के लिए एवरेज टार्गेट 182 रुपये है, जिसमें मैक्सिमम 187 रुपये और मिनिमम 173 रुपये का अनुमान है, जो 19-22% अपसाइड दिखाता है। रेटिंग ज्यादातर ‘बाय’ है, लेकिन मार्जिन प्रेशर से सावधानी बरतने की सलाह है। टाटा पावर के लिए एवरेज टार्गेट 401 रुपये है, मैक्सिमम 504 रुपये और मिनिमम 300 रुपये, जो 9-35% अपसाइड दे सकता है। मोतीलाल ओसवाल ने 455 रुपये का टार्गेट दिया, जबकि अन्य हाउसेज ने ‘ओवरवेट’ या ‘बाय’ रेटिंग रखी। रिन्यूएबल्स ग्रोथ और Odisha DISCOMs की परफॉर्मेंस को पॉजिटिव फैक्टर माना गया।
किस पर लगाएं दांव? कंपैरेटिव एनालिसिस
ग्रोथ पोटेंशियल: टाटा पावर की रिन्यूएबल कैपेसिटी 6.1 GW पहुंची, जबकि अदानी पावर की 15,250 MW कुल कैपेसिटी में थर्मल डोमिनेंट है। भारत की क्लीन एनर्जी टार्गेट्स (500 GW by 2030) से टाटा पावर को ज्यादा फायदा मिलेगा।
प्रॉफिटेबिलिटी: अदानी पावर का ROE 27.38% है, जो टाटा पावर के 10.20% से बेहतर, लेकिन टाटा पावर का EBITDA ग्रोथ रेट हायर है।
रिस्क्स: अदानी पावर में कोल प्राइस फ्लक्चुएशंस और डेट (45,331 करोड़) रिस्क हैं। टाटा पावर में Mundra प्लांट शटडाउन का असर है, लेकिन डायवर्सिफिकेशन से बैलेंस।
फ्यूचर आउटलुक: टाटा पावर की 10 GW EPC रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स और 1,000 MW पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट से 2026-27 में हाई ग्रोथ संभव। अदानी पावर की नई PPA से स्टेबल रेवेन्यू, लेकिन रिन्यूएबल शिफ्ट स्लो। कुल मिलाकर, टाटा पावर ज्यादा फायदा करा सकता है, खासकर लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए।
की पॉइंट्स फॉर इन्वेस्टर्स
अगर शॉर्ट-टर्म गेंस चाहिए, तो अदानी पावर के टार्गेट्स से 20% अपसाइड मिल सकता है।
लॉन्ग-टर्म में टाटा पावर की रिन्यूएबल पाइपलाइन (1,125 MW हाइड्रो प्रोजेक्ट सहित) 30%+ रिटर्न दे सकती है।
मार्केट कैप: अदानी पावर 2,94,554 करोड़, टाटा पावर 1,16,933 करोड़।
P/E रेशियो: अदानी पावर 25.72, टाटा पावर 30.92 – टाटा पावर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।
डिविडेंड यील्ड: दोनों में लो, लेकिन टाटा पावर की ग्रोथ से कैपिटल अप्रीसिएशन ज्यादा।
सेक्टर ट्रेंड्स और इंपैक्ट
पावर सेक्टर में रिन्यूएबल्स का शेयर बढ़ रहा है, जो टाटा पावर के फेवर में है। Odisha DISCOMs में AT&C लॉस 1.9% कम हुआ, जो डिस्ट्रीब्यूशन एफिशिएंसी दिखाता है। अदानी पावर की मॉनसून और कूलर टेम्परेचर से डिमांड डिसरप्शन का असर पड़ा, लेकिन Q4 में इम्प्रूवमेंट की उम्मीद। दोनों कंपनियां इंडिया की एनर्जी डिमांड (8-10% YoY ग्रोथ) से फायदा उठा सकती हैं, लेकिन टाटा पावर की इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन ज्यादा सस्टेनेबल लगती है।
Disclaimer: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। बाजार जोखिम भरा है, और निवेश से पहले प्रोफेशनल एडवाइजर से सलाह लें। डेटा उपलब्ध ट्रेंड्स पर आधारित है।