“मॉनसून और लंबे पार्किंग में चूहे कार की वायरिंग, सीटों और इंजन को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। लाखों रुपये का खर्चा आ सकता है, लेकिन कुछ आसान और प्रभावी तरीकों से आप अपनी नई कार को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।”
इंजन से लेकर सीट तक, चूहों के आतंक से कैसे बचाएं अपनी नई कार?
भारत में खासकर मॉनसून सीजन और लंबे समय तक पार्किंग वाली कारों में चूहों की समस्या बहुत आम हो गई है। ये छोटे जीव गर्म और सूखी जगह तलाशते हैं, इसलिए कार का इंजन बे उनके लिए आदर्श आशियाना बन जाता है। चूहे इंसुलेटेड वायरिंग को कुतरते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट, इंजन फेलियर, AC नहीं चलना, इंडिकेटर लाइट्स जलना या पूरी तरह कार स्टार्ट न होना जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। कई मामलों में ECU डैमेज होने पर 50,000 से 2 लाख रुपये तक का रिपेयर बिल आ जाता है। सीटों के नीचे, डैशबोर्ड में या बूट स्पेस में घोंसला बनाकर वे फैब्रिक को चीरते हैं और दुर्गंध फैलाते हैं।
यह समस्या शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक हर जगह देखी जा रही है, क्योंकि कचरा ढेर, नालियां और घनी वनस्पति चूहों की संख्या बढ़ा रही है। नई कारों में प्लास्टिक और सोयाबीन-बेस्ड इंसुलेशन होने से चूहे ज्यादा आकर्षित होते हैं।
चूहों के नुकसान के मुख्य संकेत
सुबह कार स्टार्ट करने पर अजीब सी आवाज या वार्निंग लाइट्स
इंजन बे में छोटे-छोटे काले गोबर (droppings) या कटी हुई तारों के टुकड़े
सीटों के नीचे कागज, कपड़े या प्लास्टिक के कटे हुए टुकड़े
कार के अंदर हल्की दुर्गंध या पेशाब की गंध
AC या हीटर चलाने पर अजीब सी आवाज
चूहों से कार बचाने के सबसे प्रभावी उपाय
पार्किंग लोकेशन का सही चुनाव करें कार को कचरा ढेर, नालियों, घास-फूस या पेड़ों के नीचे लंबे समय तक न पार्क करें। हमेशा खुली, रोशनी वाली जगह या बंद गैरेज चुनें। अगर गैरेज में पार्क करते हैं तो दरवाजे के नीचे गैप बंद रखें और फर्श साफ रखें।
कार को नियमित रूप से मूव करें अगर कार 4-5 दिन से ज्यादा एक जगह खड़ी रहती है तो चूहे घोंसला बनाने लगते हैं। हर 2-3 दिन में कार स्टार्ट करें, 10-15 मिनट चलाएं और पार्किंग स्पॉट बदलें। इससे चूहे स्थिर जगह समझकर दूर रहते हैं।
कार के अंदर और बाहर पूरी सफाई रखें कार में कभी भी खाने के टुकड़े, पैकेट या पानी की बोतल न छोड़ें। सीटों के नीचे, डैशबोर्ड और बूट को हफ्ते में एक बार वैक्यूम क्लीन करें। इंजन बे को भी साफ रखें, पुराने पत्ते या कचरा हटाएं।
प्राकृतिक रिपेलेंट्स का इस्तेमाल
पुदीना तेल (Peppermint Oil) : रुई में 10-15 बूंदें डालकर इंजन बे, बोनट के नीचे, सीटों के नीचे और एयर वेंट्स में रखें। हर 7-10 दिन में बदलें।
कपूर की गोलियां (Naphthalene Balls) : छोटे जाल के थैले में भरकर इंजन बे और डिक्की में लटकाएं। तेज गंध से चूहे दूर भागते हैं।
प्याज या लहसुन : कटा हुआ प्याज या लहसुन के टुकड़े इंजन एरिया में रखें, लेकिन ज्यादा नमी में बदलते रहें।
रैट रिपेलेंट स्प्रे और कोटिंग बाजार में उपलब्ध रैट रिपेलेंट स्प्रे (जैसे Motul Rat Repellent या 3M Anti-Rodent Spray) को इंजन वायरिंग, हार्नेस और बॉडी पैनल पर स्प्रे करें। ये स्प्रे लंबे समय तक असर करते हैं और चूहों को कुतरने से रोकते हैं। सर्विस सेंटर पर भी ये अप्लाई करवा सकते हैं।
अल्ट्रासोनिक रैट रिपेलर 12V कार अल्ट्रासोनिक डिवाइस लगवाएं जो कार की बैटरी से चलता है। ये हाई फ्रीक्वेंसी साउंड निकालता है जो चूहों को असहज करता है लेकिन इंसानों को सुनाई नहीं देता। ये डिवाइस 500-1500 रुपये में उपलब्ध हैं।
फिजिकल बैरियर लगाएं इंजन बे के एंट्री पॉइंट्स पर फाइन मेटल मेश या ग्रिल लगवाएं। व्हील आर्च और अंडरबॉडी में गैप बंद करें। कुछ लोग इंजन बे में LED लाइट लगाकर रात में रोशनी करते हैं, क्योंकि चूहे अंधेरे में ज्यादा सक्रिय होते हैं।
ट्रैप और प्रोफेशनल हेल्प अगर समस्या ज्यादा है तो ग्लू ट्रैप या स्नैप ट्रैप लगाएं। पेट-फ्रेंडली ऑप्शन चुनें। जरूरत पड़ने पर पेस्ट कंट्रोल सर्विस बुलाएं जो कार के लिए स्पेशल ट्रीटमेंट करती है।
तुरंत क्या करें अगर चूहा घुस चुका हो
कार को सुरक्षित जगह ले जाएं।
इंजन बे खोलकर जांचें और सभी droppings साफ करें।
वायरिंग चेक करवाएं, जरूरी हो तो रिपेयर करवाएं।
रिपेलेंट स्प्रे या अल्ट्रासोनिक डिवाइस तुरंत लगवाएं।
अगले कुछ दिन कार को रोज मूव करें।
इन उपायों को अपनाकर आप अपनी नई कार को चूहों के हमले से बचा सकते हैं और महंगे रिपेयर से दूर रह सकते हैं। नियमित जांच और सफाई सबसे बड़ा हथियार है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और प्रैक्टिकल टिप्स पर आधारित है। किसी भी समस्या के लिए प्रमाणित मैकेनिक या सर्विस सेंटर से सलाह लें।