“मिडिल ईस्ट के इन देशों में भारतीय प्रोफेशनल्स की औसत मासिक कमाई 5-9 लाख रुपये तक पहुंच रही है, जहां UAE टॉप पर है और ईरान-इजरायल जैसे देशों में सैलरी काफी कम है – जानिए 2025-2026 के लेटेस्ट ट्रेंड्स और भारतीयों के लिए बेस्ट ऑप्शन्स!”
ईरान-इजरायल, UAE… मिडिल ईस्ट में कहां मिलता है सबसे ज्यादा पैसा? एक भारतीय की महीने की कमाई कितनी
मिडिल ईस्ट क्षेत्र में खाड़ी देशों (GCC) ने 2025-2026 में भारतीय एक्सपैट्स के लिए सबसे आकर्षक कमाई के अवसर प्रदान किए हैं, जबकि ईरान और इजरायल जैसे देशों में सैलरी पैकेज काफी कम रहते हैं। UAE सबसे ज्यादा सैलरी देने वाला देश बना हुआ है, जहां टैक्स-फ्री इनकम के कारण सेविंग्स ज्यादा होती है। सऊदी अरब विजन 2030 प्रोजेक्ट्स के कारण तेजी से बढ़ रहा है, जबकि कतर और कुवैत भी हाई-पेइंग बने हुए हैं। ईरान में आर्थिक प्रतिबंधों और मुद्रा अवमूल्यन के कारण औसत कमाई बहुत कम है, वहीं इजरायल में हाई-स्किल जॉब्स अच्छी सैलरी देती हैं लेकिन जीवन यापन महंगा होने से नेट सेविंग्स प्रभावित होती है।
भारतीयों के लिए UAE में औसत प्रोफेशनल सैलरी (टैक्स-फ्री) USD 6,500 से 9,000 (लगभग ₹5.4 लाख से ₹7.5 लाख) मासिक तक पहुंच रही है, खासकर टेक, फाइनेंस, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में। सऊदी अरब में USD 6,000-8,500 (₹5-7 लाख), कतर में USD 5,800-8,000 (₹4.8-6.6 लाख) और कुवैत में USD 5,500-7,500 (₹4.5-6.2 लाख) औसत है। ये आंकड़े प्रोफेशनल और स्किल्ड एक्सपैट्स के लिए हैं।
नीचे दिए गए टेबल में प्रमुख देशों की तुलना (2025-2026 डेटा, एक्सपैट्स/प्रोफेशनल्स के लिए औसत मासिक सैलरी, USD में टैक्स-फ्री जहां लागू):
| देश | औसत मासिक सैलरी (USD) | भारतीयों के लिए अनुमानित INR (मासिक) | प्रमुख सेक्टर जहां हाई पे | टैक्स स्थिति | भारतीयों की औसत कमाई (स्किल्ड) |
|---|---|---|---|---|---|
| UAE (दुबई/अबू धाबी) | 6,500 – 9,000 | ₹5.4 लाख – ₹7.5 लाख | टेक, फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर | टैक्स-फ्री | AED 15,000-45,000 (₹3.3-10 लाख) |
| सऊदी अरब | 6,000 – 8,500 | ₹5 लाख – ₹7 लाख | मेगा-प्रोजेक्ट्स, ऑयल-गैस, कंस्ट्रक्शन | टैक्स-फ्री | SAR 10,000-35,000 (₹2.2-7.7 लाख) |
| कतर | 5,800 – 8,000 | ₹4.8 लाख – ₹6.6 लाख | एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंस | टैक्स-फ्री | QAR 12,000-45,000 (₹2.7-10 लाख) |
| कुवैत | 5,500 – 7,500 | ₹4.5 लाख – ₹6.2 लाख | पब्लिक सेक्टर, ऑयल, फाइनेंस | टैक्स-फ्री | KWD समकक्ष हाई |
| इजरायल | 3,400 – 4,500 (औसत नेट) | ₹2.8 लाख – ₹3.7 लाख | हाई-टेक, स्टार्टअप्स, डिफेंस | टैक्स लागू | ILS 12,000+ (स्किल्ड) |
| ईरान | 200 – 800 (अनुमानित) | ₹16,000 – ₹66,000 | ऑयल, लेकिन प्रतिबंध प्रभावित | टैक्स लागू | बहुत कम, मुद्रा कमजोर |
UAE भारतीयों के लिए सबसे पसंदीदा बना हुआ है क्योंकि यहां मल्टीनेशनल कंपनियां, डिजिटल इकोनॉमी और लाइफस्टाइल बैलेंस बेहतर है। दुबई में IT इंजीनियर्स, AI स्पेशलिस्ट्स और डॉक्टर्स AED 25,000-50,000 (₹5.5-11 लाख) तक कमा रहे हैं। सऊदी में विजन 2030 के तहत प्रोजेक्ट मैनेजर्स और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स SAR 25,000-50,000 (₹5.5-11 लाख) पा रहे हैं, साथ ही हाउसिंग और ट्रांसपोर्ट अलाउंस ज्यादा मिलता है जिससे सेविंग्स बढ़ती है।
कतर में एनर्जी सेक्टर और पोस्ट-वर्ल्ड कप इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स हाई-पेइंग जॉब्स दे रहे हैं। कुवैत में पब्लिक सेक्टर स्टेबिलिटी के कारण अच्छी सैलरी है।
ईरान में आर्थिक संकट और प्रतिबंधों से औसत कमाई बहुत कम है, ज्यादातर लोकल जॉब्स में USD 500 से नीचे। इजरायल में हाई-टेक जॉब्स अच्छी हैं लेकिन टैक्स और हाई कॉस्ट ऑफ लिविंग (खासकर तेल अवीव में) से नेट इनकम कम हो जाती है।
भारतीय वर्कर्स (स्किल्ड प्रोफेशनल्स) के लिए GCC देशों में सेविंग्स पोटेंशियल सबसे ज्यादा है क्योंकि कोई इनकम टैक्स नहीं। अनस्किल्ड या ब्लू-कॉलर जॉब्स में UAE/कतर में AED/QAR 1,200-3,500 (₹26,000-77,000) मिलती है, लेकिन हाई स्किल वाले भारतीय डॉक्टर्स, इंजीनियर्स और मैनेजर्स लाखों में कमा रहे हैं।