“ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ती तनाव की वजह से भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। Nifty 50 इंडेक्स 365 अंक टूटकर 25,454 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 1,236 अंक गिरकर 82,498 पर आ गया। तीन सत्रों की लगातार तेजी पूरी तरह खत्म हो गई और निवेशकों का करीब 7.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। क्रूड ऑयल में उछाल और वैश्विक अनिश्चितता से बाजार में दहशत का माहौल है।”
ईरान-अमेरिका तनाव से बाजार में भारी गिरावट
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी दबाव में रहा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख अपनाया है और रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना इस सप्ताहांत तक ईरान पर हमले के लिए तैयार है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान को डील करने में समझदारी दिखानी चाहिए, वरना सैन्य कार्रवाई हो सकती है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने अमेरिका की मांगों को ठुकरा दिया है। उन्होंने यूरेनियम संवर्धन रोकने और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम सीमित करने से इनकार किया। जेनेवा में चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ। ईरान ने लिखित प्रस्ताव देने की बात कही है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच गहरी खाई बनी हुई है।
इस भू-राजनीतिक तनाव से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई। ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की मिलिट्री ड्रिल्स ने सप्लाई चेन पर खतरे की आहट दी। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह महंगा पड़ सकता है, क्योंकि महंगाई बढ़ने का डर है।
बाजार पर असर
Nifty 50 : दिन में 25,400 के नीचे चला गया, अंत में 365 अंक (1.41%) गिरकर 25,454.35 पर बंद।
Sensex : 1,236 अंक (1.48%) टूटकर 82,498.14 पर।
तीन दिन की तेजी (करीब 800-900 अंकों की रिकवरी) पूरी तरह मिट गई।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में: बैंकिंग, ऑटो, FMCG, रियल्टी और PSU बैंक सबसे ज्यादा प्रभावित।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी 1.3-1.6% की गिरावट।
कुंजी कारणों की सूची
अमेरिका-ईरान युद्ध की आशंका : अमेरिकी नौसेना और एयर फोर्स मिडिल ईस्ट में तेजी से तैनात हो रही है। USS Gerald R. Ford और Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।
क्रूड ऑयल में उछाल : सप्लाई डिसरप्शन का डर, भारत की इंपोर्ट बिल बढ़ सकती है।
वैश्विक अनिश्चितता : US Fed रेट कट पर संदेह, मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा से रेट कट की उम्मीद कम।
प्रॉफिट बुकिंग : पिछले तीन सत्रों की रैली के बाद निवेशक मुनाफा वसूल रहे थे।
FII आउटफ्लो : विदेशी निवेशक सतर्क, सुरक्षित एसेट्स जैसे गोल्ड की ओर रुख।
सेक्टर-विश्लेषण तालिका
| सेक्टर | गिरावट (%) | प्रमुख स्टॉक्स प्रभावित |
|---|---|---|
| Nifty Bank | ~1.5-2 | HDFC Bank, ICICI Bank, Kotak |
| Nifty Auto | ~2-3 | M&M, IndiGo (InterGlobe Aviation) |
| Nifty FMCG | ~1.5 | HUL, अन्य कंज्यूमर गुड्स |
| Nifty Realty | सबसे ज्यादा | DLF, Godrej Properties |
| Nifty PSU Bank | ~2 | SBI, PNB |
| Nifty Oil & Gas | मिश्रित | ONGC, Oil India (क्रूड से फायदा) |
आगे क्या होगा? बाजार की नजर अब इस सप्ताहांत पर टिकी है। अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो क्रूड 80-90 डॉलर तक जा सकता है, जिससे भारतीय बाजार में और गिरावट आ सकती है। इन्फ्लेशन बढ़ेगा, RBI की मॉनेटरी पॉलिसी पर असर पड़ेगा।
अगर डिप्लोमेसी कामयाब हुई और ईरान लिखित प्रस्ताव के साथ लौटा तो रिकवरी हो सकती है। फिलहाल वोलेटिलिटी ज्यादा रहेगी। निवेशक गोल्ड, डिफेंस और एनर्जी सेक्टर में शिफ्ट कर सकते हैं।
शॉर्ट टर्म में Nifty के लिए 25,000-25,200 सपोर्ट जोन महत्वपूर्ण है। अगर यहां टूटा तो 24,800 तक गिरावट संभव। रेजिस्टेंस 25,800-26,000 पर।
डिस्क्लेमर: यह न्यूज रिपोर्ट और बाजार विश्लेषण पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। बाजार जोखिमों के अधीन है।