“संघ बजट 2026 का पूरा टाइमलाइन: आर्थिक सर्वेक्षण 31 जनवरी को पेश होगा, बजट 1 फरवरी को रविवार को प्रस्तुत किया जाएगा, सत्र दो चरणों में 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति का अभिभाषण, मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा और वित्त विधेयक पारित होंगे।”
संघ बजट 2026 की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला यह बजट ऐतिहासिक होगा क्योंकि यह पहली बार रविवार को पेश किया जा रहा है। बजट सत्र की शुरुआत से लेकर समाप्ति तक की हर डिटेल यहां दी गई है, जिसमें प्रमुख घटनाएं, चर्चाएं और विधेयक शामिल हैं।
बजट सत्र का पूरा शेड्यूल
बजट सत्र दो चरणों में विभाजित है, जिसमें कुल 31 बैठकें होंगी। पहला चरण बजट प्रस्तुति और सामान्य चर्चा पर केंद्रित रहेगा, जबकि दूसरा चरण मंत्रालयों की अनुदान मांगों और विधेयकों पर गहन बहस के लिए होगा।
प्रमुख घटनाओं का विस्तार
| तारीख/चरण | प्रमुख घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 28 जनवरी 2026 | सत्र की शुरुआत और राष्ट्रपति का अभिभाषण | संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर अभिभाषण देंगी। यह अभिभाषण बजट सत्र की दिशा निर्धारित करेगा, जिसमें आर्थिक विकास, रोजगार औरインフ्रास्ट्रक्चर पर फोकस होगा। |
| 29-30 जनवरी 2026 | अभिभाषण पर चर्चा | लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस होगी। विपक्षी दल आर्थिक असमानता, मुद्रास्फीति और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठा सकते हैं। |
| 31 जनवरी 2026 | आर्थिक सर्वेक्षण पेश | मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट संसद में टेबल की जाएगी। यह रिपोर्ट FY 2025-26 की आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करेगी, जिसमें GDP ग्रोथ 6.5-7% अनुमानित, मुद्रास्फीति 4-5% के आसपास और राजकोषीय घाटा 5% के नीचे रहने की संभावना जताई जाएगी। सर्वेक्षण में क्लाइमेट चेंज, डिजिटल इकोनॉमी और EV सेक्टर पर विशेष अध्याय शामिल होंगे। |
| 1 फरवरी 2026 | बजट प्रस्तुति | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी। यह डिजिटल फॉर्मेट में होगा, जिसमें टैक्स स्लैब में बदलाव, इनकम टैक्स राहत और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर 10 लाख करोड़ रुपये का आवंटन संभावित है। बजट स्पीच लगभग 90-120 मिनट की होगी, जिसमें रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा सेक्टर के लिए बड़े ऐलान होंगे। |
| 2-6 फरवरी 2026 | बजट पर सामान्य चर्चा | दोनों सदनों में बजट की प्रमुख विशेषताओं पर बहस। सांसद आर्थिक सुधार, किसान कल्याण और MSME सपोर्ट पर सवाल उठाएंगे। सरकार डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता और ग्रीन एनर्जी पर जोर देगी। |
| 7-13 फरवरी 2026 | मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा (पहला चरण) | चुनिंदा मंत्रालयों जैसे वित्त, रक्षा और कृषि की अनुदान मांगों पर डिबेट। उदाहरण के लिए, रक्षा बजट 6 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है, जिसमें मेक इन इंडिया इनिशिएटिव शामिल होगा। |
| 14 फरवरी से 8 मार्च 2026 | अवकाश | स्टैंडिंग कमेटी द्वारा मंत्रालयों की अनुदान मांगों की समीक्षा। इस दौरान रिपोर्ट तैयार की जाएंगी, जिसमें सुझाव जैसे टैक्स रिफॉर्म और सब्सिडी रेशनलाइजेशन शामिल होंगे। |
| 9 मार्च 2026 | सत्र का दूसरा चरण शुरू | संसद फिर से बैठेगी, जिसमें शेष अनुदान मांगों पर फोकस होगा। |
| 10-20 मार्च 2026 | अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा | स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए 1.5 लाख करोड़, शिक्षा के लिए 1.2 लाख करोड़ और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 8 लाख करोड़ रुपये की मांगों पर बहस। विपक्ष हेल्थकेयर एक्सेस और एजुकेशन क्वालिटी पर सवाल करेगा। |
| 21-25 मार्च 2026 | वित्त विधेयक पर बहस | फाइनेंस बिल की क्लॉज-बाय-क्लॉज डिस्कशन। इसमें टैक्स प्रपोजल जैसे GST रेट्स में बदलाव (18% से 12% कुछ आइटम्स पर) और आयकर छूट लिमिट 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने की संभावना। |
| 26-31 मार्च 2026 | विधेयकों का पारित होना | अनुपूरक अनुदान मांगें और संबंधित विधेयक पास होंगे। सरकार PLI स्कीम के विस्तार और स्टार्टअप फंडिंग पर ऐलान कर सकती है। |
| 1-2 अप्रैल 2026 | सत्र समाप्ति | अंतिम दिनों में पेंडिंग बिल पास किए जाएंगे, जिसमें अप्रोप्रिएशन बिल शामिल। सत्र की समाप्ति पर स्पीकर द्वारा समीक्षा। |
हलवा सेरेमनी : बजट तैयारी के अंतिम चरण को चिह्नित करने वाली यह परंपरा हाल ही में संपन्न हुई, जिसमें वित्त मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। यह गोपनीयता सुनिश्चित करती है और बजट दस्तावेजों की प्रिंटिंग शुरू होने का संकेत देती है।
आर्थिक सर्वेक्षण की मुख्य बातें : सर्वेक्षण में भारत की GDP ग्रोथ को 7% अनुमानित किया जाएगा, लेकिन चुनौतियां जैसे ग्लोबल ट्रेड वॉर और क्लाइमेट इंपैक्ट पर चेतावनी दी जाएगी। सेक्टर-वाइज ब्रेकडाउन में मैन्युफैक्चरिंग 15% ग्रोथ, सर्विसेज 8% और एग्रीकल्चर 4% दिखाया जाएगा। रिपोर्ट में AI और रिन्यूएबल एनर्जी पर नीतिगत सिफारिशें होंगी।
बजट प्रस्तुति की खासियतें : रविवार को होने के कारण स्टॉक मार्केट में स्पेशल ट्रेडिंग सेशन का प्रावधान किया गया है। बजट में मिडिल क्लास के लिए इनकम टैक्स रिलीफ, जैसे स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000 से 75,000 रुपये तक बढ़ाना, और सीनियर सिटिजन्स के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर अतिरिक्त छूट संभावित है।
चर्चाओं के फोकस एरिया : पहला चरण में सामान्य बहस में इकोनॉमिक रिफॉर्म्स जैसे लेबर कोड इंप्लीमेंटेशन और बैंकिंग सेक्टर रिफॉर्म पर जोर। दूसरा चरण में डिमांड फॉर ग्रांट्स में रेलवे के लिए 2.5 लाख करोड़, जिसमें हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट्स शामिल, और रोड इंफ्रा के लिए 3 लाख करोड़ का आवंटन होगा।
विधेयकों का महत्व : फाइनेंस बिल में प्रस्तावित बदलाव जैसे कॉरपोरेट टैक्स रेट 25% से घटाकर 22% कुछ सेक्टर्स के लिए, और EV व्हीकल्स पर सब्सिडी बढ़ाना। अप्रोप्रिएशन बिल से सरकारी खर्च को मंजूरी मिलेगी, जो 1 अप्रैल से लागू होगा।
संभावित चुनौतियां : सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा राजकोषीय घाटे पर सवाल उठाए जा सकते हैं, जो 4.5% टारगेट से ऊपर जा सकता है। सरकार डिफेंस एक्सपेंडिचर को GDP के 2.5% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखेगी।
बजट सत्र के दौरान प्रमुख सेक्टर्स पर प्रभाव
टैक्सेशन : न्यू टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट बनाया जा सकता है, जिसमें छूट की लिमिट बढ़ाई जाएगी। GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ मासिक औसत पर पहुंचने की उम्मीद।
इंफ्रास्ट्रक्चर : NIP के तहत 111 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स में तेजी, जिसमें स्मार्ट सिटी और मेट्रो एक्सपेंशन शामिल।
सोशल वेलफेयर : PM-KISAN स्कीम के तहत सालाना 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने की संभावना, और आयुष्मान भारत का विस्तार 10 करोड़ परिवारों तक।
डिजिटल इकोनॉमी : UPI ट्रांजैक्शन को 1 ट्रिलियन तक पहुंचाने के लिए इंसेंटिव्स, और डेटा प्रोटेक्शन बिल की चर्चा।
ग्रीन इनीशिएटिव्स : रिन्यूएबल एनर्जी के लिए 1 लाख करोड़ का फंड, जिसमें सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स पर फोकस।
यह टाइमलाइन बजट सत्र की हर स्टेज को कवर करती है, जिसमें आर्थिक सर्वेक्षण से लेकर सत्र समाप्ति तक की घटनाएं शामिल हैं।
Disclaimer: यह लेख समाचार रिपोर्ट, सुझाव और स्रोतों पर आधारित है।