8th Pay Commission को मिला ऑफिस, 86 दिन बाद आयोग ने पकड़ी रफ्तार; सैलरी-पेंशन के फैसले पर इस दिन होगी बैठक

“केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग को हाल ही में दिल्ली में ऑफिस आवंटित किया गया है, जिसके बाद 86 दिनों की देरी से कामकाज ने गति पकड़ी। आयोग की पहली प्रमुख बैठक 25 फरवरी को होगी, जहां सैलरी, पेंशन और भत्तों पर चर्चा होगी। कर्मचारी संघों ने फिटमेंट फैक्टर 3.25 और 5% वार्षिक इंक्रीमेंट की मांग की है, जबकि संभावित वृद्धि से 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनधारकों को फायदा होगा।”

केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग को आखिरकार दिल्ली के सेंट्रल सेक्रेटेरिएट में ऑफिस स्पेस आवंटित कर दिया गया है। कैबिनेट द्वारा टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) मंजूर होने के 86 दिनों बाद यह कदम उठाया गया, जिससे आयोग के कामकाज में तेजी आई है। आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई ने बताया कि अब नियमित मीटिंग्स शुरू हो गई हैं, और स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।

आयोग की पहली बड़ी बैठक 25 फरवरी को निर्धारित की गई है, जहां सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन रिविजन और अन्य भत्तों पर प्रारंभिक चर्चा होगी। इस बैठक में राष्ट्रीय संयुक्त परामर्श मशीनरी (NCJCM) के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेकर आएंगे। NCJCM के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि फिटमेंट फैक्टर को 3.25 तक बढ़ाने की मांग प्रमुख रहेगी, जो न्यूनतम सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर लगभग 58,500 रुपये कर सकती है।

कर्मचारी संगठनों का दावा है कि महंगाई दर (DA) वर्तमान में 59.93% पर पहुंच चुकी है, और जनवरी की बढ़ोतरी से यह 60% तक जा सकती है। यदि दिसंबर का AICPI इंडेक्स भी ऊपर जाता है, तो DA में और वृद्धि संभव है। 8वें आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी से प्रभावी होंगी, लेकिन रिपोर्ट जमा होने में 15-18 महीने लग सकते हैं, जिससे एरियर्स का भुगतान FY2028 में प्रभावित होगा।

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संभावित सैलरी हाइक का ब्रेकडाउन

आयोग द्वारा विभिन्न फिटमेंट फैक्टर पर विचार किया जा रहा है। नीचे दी गई टेबल में मौजूदा पे लेवल के आधार पर संभावित बढ़ोतरी दिखाई गई है (आंकड़े अनुमानित हैं, AICPI पर आधारित):

पे लेवलमौजूदा बेसिक पे (रुपये)फिटमेंट फैक्टर 2.15 पर नई सैलरीफिटमेंट फैक्टर 2.57 पर नई सैलरीफिटमेंट फैक्टर 2.86 पर नई सैलरीफिटमेंट फैक्टर 3.25 पर नई सैलरी
लेवल 1 (ग्रुप D)18,00038,70046,26051,48058,500
लेवल 6 (ग्रुप B)35,40076,11090,978101,244115,050
लेवल 10 (ग्रुप A)56,100120,615144,177160,446182,325
लेवल 13 (सीनियर ग्रुप A)1,23,1002,64,6653,16,4073,52,0664,00,075
लेवल 18 (कैबिनेट सेक्रेटरी)2,50,0005,37,5006,42,5007,15,0008,12,500

यह टेबल दर्शाती है कि फिटमेंट फैक्टर जितना ऊंचा होगा, सैलरी में उतनी ही अधिक वृद्धि होगी। उदाहरण के लिए, लेवल 1 पर 3.25 फैक्टर से 225% की बढ़ोतरी आएगी, जो एंट्री-लेवल कर्मचारियों के लिए बड़ा राहत पैकेज साबित हो सकता है।

पेंशन रिविजन पर फोकस

पेंशनधारकों के लिए आयोग ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली पर भी विचार करेगा। वर्तमान में 60 लाख पेंशनर्स NPS के तहत हैं, लेकिन कई राज्य सरकारें OPS की ओर लौट रही हैं। आयोग की बैठक में पेंशन कैलकुलेशन फॉर्मूला को अपडेट करने पर जोर होगा, जहां अंतिम सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलता है। यदि DA 60% पहुंचता है, तो पेंशन में 2-3% की अतिरिक्त बढ़ोतरी संभव है।

कर्मचारी संघों ने 5% वार्षिक इंक्रीमेंट की मांग की है, जो मौजूदा 3% से अधिक है। यह बदलाव लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए फायदेमंद होगा, खासकर महंगाई के दौर में। NCJCM ने कहा कि फरवरी की बैठक के बाद अंतिम सुझाव आयोग को भेजे जाएंगे, जिससे रिपोर्ट तैयार करने में मदद मिलेगी।

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भत्तों में बदलाव की संभावना

हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को शहरों के आधार पर रिवाइज किया जा सकता है। दिल्ली जैसे X कैटेगरी शहरों में HRA 27% से बढ़कर 30% हो सकता है, जबकि Y और Z कैटेगरी में क्रमश: 18% और 9%। ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी AICPI से लिंक होगा, जो वर्तमान 3,600 रुपये से बढ़कर 5,000 रुपये तक जा सकता है।

आयोग के पास 20 पे स्केल्स को रिव्यू करने का काम है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए स्पेशल अलाउंस शामिल हैं। ICRA की रिपोर्ट के अनुसार, देरी से FY2028 में सैलरी व्यय 40-50% बढ़ सकता है, जो सरकारी बजट पर दबाव डालेगा। फिर भी, कर्मचारियों को रेट्रोस्पेक्टिव इंप्लीमेंटेशन से एरियर्स मिलने की उम्मीद है।

कर्मचारी संगठनों की मांगें

फिटमेंट फैक्टर : 3.25 तक बढ़ावा, जो न्यूनतम सैलरी को दोगुना से अधिक करेगा।

वार्षिक इंक्रीमेंट : 5% की दर, जो करियर ग्रोथ को बूस्ट देगी।

पेंशन सुधार : OPS की वापसी और फैमिली पेंशन में 30% वृद्धि।

अलाउंस अपडेट : DA से लिंक्ड HRA और TA, जो महंगाई से निपटने में मदद करेगा।

अन्य लाभ : चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस को 3,000 रुपये प्रति बच्चा बढ़ाना।

ये मांगें फरवरी की बैठक में प्रमुख रहेंगी, जहां आयोग सदस्यों के साथ ड्राफ्ट कमिटी की चर्चा होगी। आयोग ने विभिन्न मंत्रालयों से डेटा मांगा है, जिसमें महंगाई ट्रेंड्स और आर्थिक प्रभाव शामिल हैं।

आर्थिक प्रभाव

सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में वृद्धि से उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा, जो GDP ग्रोथ को सपोर्ट करेगा। हालांकि, ICRA ने चेतावनी दी है कि एरियर्स से फिस्कल डेफिसिट प्रभावित हो सकता है। पिछले आयोगों की तरह, यह बदलाव प्राइवेट सेक्टर पर भी असर डालेगा, जहां कंपनियां सैलरी स्ट्रक्चर को मैच करने की कोशिश करेंगी।

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आयोग की रिपोर्ट जमा होने के बाद कैबिनेट अप्रूवल से इंप्लीमेंटेशन होगा, लेकिन कर्मचारियों को DA हाइक से अंतरिम राहत मिल रही है। कुल मिलाकर, यह आयोग 1.1 करोड़ से अधिक लोगों के वित्तीय भविष्य को आकार देगा।

Disclaimer: यह रिपोर्ट विभिन्न स्रोतों और समाचारों पर आधारित है। यह सलाह या टिप्स नहीं है, बल्कि सूचना प्रदान करने का उद्देश्य रखती है।

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