“दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी चालान माफ करवाने के लिए 10 जनवरी को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। योग्य चालान धारक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर टोकन प्राप्त करें, आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर निर्धारित कोर्ट में उपस्थित हों। कंपाउंडेबल अपराधों पर जुर्माना कम या माफ हो सकता है, जबकि गंभीर उल्लंघनों पर कोई छूट नहीं।”
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया है, जहां वाहन मालिक अपने पेंडिंग चालान सेटल कर सकते हैं। यह अदालत कंपाउंडेबल ट्रैफिक उल्लंघनों जैसे स्पीडिंग, हेलमेट न पहनना या सिग्नल जंप पर फोकस करेगी, जहां जुर्माना 50% तक कम हो सकता है। गैर-कंपाउंडेबल मामलों जैसे ड्रंक ड्राइविंग या एक्सीडेंट से जुड़े चालान पर कोई राहत नहीं मिलेगी।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सरल है: वाहन मालिक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर जाकर चालान नंबर दर्ज करें, टोकन जनरेट करें और अपॉइंटमेंट लेटर प्रिंट करें। लोक अदालत दिल्ली के विभिन्न जिला कोर्ट्स में लगेगी, जिसमें तीस हजारी, साकेत, रोहिणी और कड़कड़डूमा शामिल हैं। प्रत्येक कोर्ट में अलग-अलग समय स्लॉट दिए जाएंगे, इसलिए टोकन में उल्लिखित समय पर पहुंचें।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची:
मुख्य बिंदु जो ध्यान रखें:
| दस्तावेज का नाम | विवरण | क्यों जरूरी |
|---|---|---|
| अपॉइंटमेंट लेटर/टोकन | ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से प्राप्त प्रिंटेड कॉपी | प्रवेश और केस वेरिफिकेशन के लिए |
| चालान नोटिस | डाउनलोडेड या मूल कॉपी | उल्लंघन की डिटेल्स साबित करने के लिए |
| वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) | मूल दस्तावेज | वाहन स्वामित्व की पुष्टि |
| ड्राइविंग लाइसेंस (DL) | मूल | ड्राइवर की पहचान और वैधता जांच |
| इंश्योरेंस पॉलिसी | वैध मूल कॉपी | वाहन कवरेज की जांच |
| PUC सर्टिफिकेट | मूल | प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र |
| पहचान प्रमाण (ID Proof) | आधार कार्ड, वोटर ID या पासपोर्ट | व्यक्तिगत पहचान के लिए |
केवल दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी चालान ही योग्य हैं; अन्य राज्यों के चालान यहां सेटल नहीं होंगे।
लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से फैसला लिया जाता है, जो अंतिम और अपील योग्य नहीं होता।
यदि चालान पुराना है, तो ब्याज या अतिरिक्त शुल्क माफ हो सकता है, लेकिन मूल जुर्माना पर चर्चा होगी।
भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी पहुंचें; प्रत्येक कोर्ट में 500 से अधिक केस हैंडल किए जाएंगे।
यदि वाहन जब्त है, तो लोक अदालत में रिलीज के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन अतिरिक्त फीस लग सकती है।
यह अवसर दिल्लीवासियों के लिए ट्रैफिक रूल्स का पालन करने और पेंडिंग फाइन से मुक्ति पाने का है। पिछले लोक अदालत में 10,000 से अधिक चालान सेटल हुए थे, जिसमें औसतन 40% की छूट मिली।
Disclaimer: यह रिपोर्ट सार्वजनिक स्रोतों और आधिकारिक घोषणाओं पर आधारित है। पाठक अपनी स्थिति की जांच स्वयं करें और कानूनी सलाह लें।