“8th Pay Commission की सिफारिशें 15-18 महीने दूर हैं, जो जनवरी 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव लागू होगी, जिससे 15 महीनों के एरियर बनेंगे। ICRA का दावा है कि FY2028 में सैलरी खर्च 40-50% बढ़ेगा, जो बजट पर दबाव डालेगा। बजट 2026-27 में कैपेक्स बढ़ाने पर फोकस रहेगा, लेकिन FY2028 में कमिटेड खर्च बढ़ने से डिस्क्रिशनरी स्पेंडिंग सीमित होगी। पिछली कमिशनों से तुलना में 7th CPC में 20.4% बढ़ोतरी हुई थी, जबकि 6th में 60.4% जंप देखा गया।”
केंद्र सरकार के 1.1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th Pay Commission की सिफारिशें अभी 15-18 महीने दूर हैं, जिसकी वजह से जनवरी 2026 से कोई तत्काल सैलरी रिवीजन नहीं होगा। यह कमीशन हर 10 साल में सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा करती है, लेकिन इस बार रिपोर्ट सबमिट होने में देरी हो रही है। परिणामस्वरूप, जब भी लागू होगी, तो जनवरी 1, 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव प्रभावी मानी जाएगी, जिससे एरियर का ढेर लगेगा।
ICRA की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि FY2028 में सैलरी और पेंशन खर्च में 40-50% की तेज बढ़ोतरी होगी, क्योंकि 15 महीनों के एरियर एक साथ चुकाने पड़ेंगे। इससे सरकारी फाइनेंस पर भारी दबाव पड़ेगा, जो FY2029 तक जारी रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह देरी FY2028 में कमिटेड एक्सपेंडिचर को बढ़ाएगी, जिससे कैपिटल एक्सपेंडिचर जैसे डिस्क्रिशनरी खर्चों पर असर पड़ेगा।
बजट 2026-27 (FY2027) में सरकार कैपेक्स को बढ़ाने पर जोर देगी, ताकि 8th Pay Commission के असर से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट मिल सके। ICRA के अनुमान के मुताबिक, FY2027 में कैपेक्स टारगेट 13.1 ट्रिलियन रुपये (GDP का 3.3%) होगा, जो FY2026 के 11.5 ट्रिलियन रुपये से 14% ज्यादा है। फिस्कल डेफिसिट को 4.3% पर कैप रखा जाएगा, जो FY2026 के 4.4% से थोड़ा कम है। डेट टारगेट FY2027 के लिए GDP का 55.1% रखा गया है, जो नॉमिनल GDP ग्रोथ 9.8% पर आधारित है। हालांकि, FY2028 में 8th Pay Commission के कारण खर्चों में उछाल आएगा, जो डेट कंसॉलिडेशन को प्रभावित करेगा।
सैलरी हाइक के मामले में, DA पहले ही 59.93% पहुंच चुका है, जो जनवरी 2026 में 60% तक जा सकता है। 8th Pay Commission के तहत फिटमेंट फैक्टर 1.8 से 2.5 के बीच रह सकता है, लेकिन आधिकारिक फैसला रिपोर्ट के बाद होगा। एरियर कैलकुलेशन में, रेट्रोस्पेक्टिव डेट से सैलरी डिफरेंस को मल्टीप्लाई करके कुल अमाउंट निकाला जाएगा, जो कर्मचारी की ग्रेड पर निर्भर करेगा।
पिछली पे कमिशनों से तुलना और असर:
| कमीशन | एरियर पीरियड | सैलरी खर्च में बढ़ोतरी | बजट पर असर |
|---|---|---|---|
| 7th Pay Commission | 6 महीने | FY2017 में 20.4% (1.5 ट्रिलियन से 1.8 ट्रिलियन रुपये) | सैलरी एक्सपेंडिचर नॉन-इंटरेस्ट नॉन-सब्सिडी रेवेन्यू का 18.6% पहुंचा |
| 6th Pay Commission | 2.5 साल से ज्यादा | FY2009 में 60.4%, FY2010 में 31.0% | सैलरी शेयर 13.0% से बढ़कर 17.3% हुआ, दो साल तक बजट प्रेशर |
| 8th Pay Commission (अनुमान) | 15 महीने | FY2028 में 40-50% | FY2028-29 में कमिटेड खर्च बढ़ेगा, कैपेक्स पर कटौती का जोखिम |
यह तालिका दिखाती है कि देरी जितनी ज्यादा, एरियर का बोझ उतना ही बड़ा होता है। ICRA का दावा है कि 8th Pay Commission का FY2028 पर असर 6th CPC से मिलता-जुलता होगा, जहां एरियर ने बजट को दो साल तक प्रभावित किया।
एरियर और सैलरी हाइक का गणित समझें:
स्टेप 1: बेसिक सैलरी पर फिटमेंट फैक्टर अप्लाई करें। उदाहरण: अगर बेसिक 50,000 रुपये है और फिटमेंट 2.0, तो नई बेसिक 1,00,000 रुपये।
स्टेप 2: DA ऐड करें। 60% DA पर एक्स्ट्रा 60,000 रुपये।
स्टेप 3: पुरानी और नई सैलरी का डिफरेंस निकालें, फिर 15 महीनों से मल्टीप्लाई करें। उदाहरण: अगर मंथली डिफरेंस 30,000 रुपये, तो एरियर 4,50,000 रुपये।
स्टेप 4: पेंशनर्स के लिए भी यही फॉर्मूला, लेकिन पेंशन अमाउंट पर। कुल मिलाकर, 40-50% जंप से सरकारी सैलरी बिल FY2028 में ट्रिलियंस में बढ़ेगा, जो टैक्स रेवेन्यू (FY2027 में 44.0 ट्रिलियन अनुमानित) पर दबाव डालेगा।
ICRA की रिपोर्ट में FY2027 के लिए रेवेन्यू एक्सपेंडिचर 4% बढ़ोतरी का अनुमान है, जिसमें इंटरेस्ट 7.5% और सब्सिडी 2% बढ़ेंगी। लेकिन 8th Pay Commission से पहले कैपेक्स को प्राथमिकता देकर सरकार फिस्कल स्पेस बनाएगी।
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