बजट 2026: रविवार को बाजार खुलेगा या नहीं? 26 जनवरी को ट्रेडिंग पर क्या असर – अब जानें पूरी सच्चाई!

“संघ बजट 2026 की प्रस्तुति 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद NSE और BSE विशेष ट्रेडिंग सेशन चलाएंगे, जहां इक्विटी, डेरिवेटिव्स और अन्य सेगमेंट में सामान्य समय पर कारोबार होगा। वहीं, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के चलते सभी बाजार बंद रहेंगे, जिससे निवेशकों को पहले से प्लानिंग करनी होगी।”

संघ बजट 2026 की प्रस्तुति वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को संसद में की जाएगी, जो रविवार पड़ रहा है। आमतौर पर सप्ताहांत पर बाजार बंद रहते हैं, लेकिन इस बार NSE और BSE ने विशेष व्यवस्था की है। दोनों एक्सचेंजों ने घोषणा की है कि बजट डे पर लाइव ट्रेडिंग सेशन होगा, जिससे निवेशक बजट घोषणाओं पर तत्काल रिएक्ट कर सकें। यह फैसला बाजार में अस्थिरता को नियंत्रित करने और प्राइस डिस्कवरी को सुगम बनाने के लिए लिया गया है।

ट्रेडिंग का समय प्री-ओपन सेशन से शुरू होकर सामान्य घंटों तक चलेगा, जिसमें इक्विटी सेगमेंट 9:15 AM से 3:30 PM तक खुलेगा। डेरिवेटिव्स और SLB सेगमेंट भी इसी समय पर ऑपरेट होंगे। यह व्यवस्था पिछले वर्षों की तरह है, जब बजट शनिवार को पड़ा था और विशेष सेशन आयोजित किए गए थे। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि बजट घोषणाएं जैसे टैक्स रिफॉर्म्स, इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेंडिंग और सेक्टर-स्पेसिफिक सब्सिडी बाजार की दिशा तय करेंगी। उदाहरण के लिए, यदि बजट में EV सेक्टर को बूस्ट मिला, तो संबंधित स्टॉक्स जैसे Tata Motors या Ola Electric में तेजी देखी जा सकती है।

अब बात 26 जनवरी की, जो गणतंत्र दिवस है और सोमवार को पड़ रहा है। BSE और NSE की हॉलिडे लिस्ट के अनुसार, इस दिन सभी सेगमेंट्स – इक्विटी, F&O, करेंसी और कमोडिटी – पूरी तरह बंद रहेंगे। कोई ट्रेडिंग नहीं होगी, और सेटलमेंट प्रोसेस भी अगले दिन शिफ्ट हो जाएगी। यदि आप 23 जनवरी को कोई पोजीशन ओपन रखते हैं, तो उसका असर 27 जनवरी को दिखेगा। यह छुट्टी पूरे वर्ष की 15 प्रमुख हॉलिडेज में से एक है, जो निवेशकों की प्लानिंग को प्रभावित करती है।

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2026 में शेयर बाजार की प्रमुख छुट्टियां: एक नजर में

नीचे दी गई टेबल में BSE और NSE की ऑफिशियल हॉलिडे लिस्ट शामिल है, जो इक्विटी और डेरिवेटिव्स सेगमेंट के लिए लागू है। यह लिस्ट निवेशकों को आगे की स्ट्रैटेजी बनाने में मदद करेगी:

क्रमांकतारीखदिनछुट्टी का नाम
126 जनवरीसोमवारगणतंत्र दिवस
23 मार्चमंगलवारहोली
326 मार्चगुरुवारश्री राम नवमी
431 मार्चमंगलवारश्री महावीर जयंती
53 अप्रैलशुक्रवारगुड फ्राइडे
614 अप्रैलमंगलवारडॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती
71 मईशुक्रवारमहाराष्ट्र दिवस
828 मईगुरुवारबकरी ईद
926 जूनशुक्रवारमुहर्रम
1014 सितंबरसोमवारगणेश चतुर्थी
112 अक्टूबरशुक्रवारमहात्मा गांधी जयंती
1220 अक्टूबरमंगलवारदशहरा
1310 नवंबरमंगलवारदिवाली-बलिप्रतिपदा
1424 नवंबरमंगलवारप्रकाश गुरुपर्व श्री गुरु नानक देव
1525 दिसंबरशुक्रवारक्रिसमस

नोट: दिवाली लक्ष्मी पूजन (8 नवंबर, रविवार) पर मुहूर्त ट्रेडिंग होगी, जो विशेष सेशन होगा।

बजट डे पर ट्रेडिंग के फायदे और रिस्क

फायदे: बजट घोषणाओं पर तुरंत रिएक्शन देने का मौका मिलेगा। यदि बजट में इंफ्रा बूस्ट आया, तो स्टॉक्स जैसे Larsen & Toubro या Adani Ports में इंट्राडे गेन संभव। F&O ट्रेडर्स के लिए वॉलेटिलिटी हाई रहेगी, जो शॉर्ट-टर्म ऑप्शन स्ट्रैटेजी के लिए आदर्श है।

रिस्क: रविवार होने से लिक्विडिटी कम हो सकती है, जिससे स्लिपेज बढ़ सकता है। यदि बजट में सरप्राइज टैक्स हाइक आया, जैसे कैपिटल गेंस टैक्स में बदलाव, तो बाजार में तेज गिरावट आ सकती है। निवेशकों को स्टॉप-लॉस जरूर सेट करना चाहिए।

26 जनवरी की छुट्टी का निवेशकों पर असर

गणतंत्र दिवस पर बाजार बंद होने से वीकेंड के बाद का पहला ट्रेडिंग डे 27 जनवरी होगा। यदि वैश्विक मार्केट्स जैसे Dow Jones या Nasdaq में 23-25 जनवरी के बीच कोई बड़ा मूवमेंट आया, तो उसका असर 27 जनवरी को भारतीय बाजार पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि US में इंटरेस्ट रेट कट की खबर आई, तो IT सेक्टर जैसे Infosys या TCS में ओपनिंग पर गैप-अप देखा जा सकता है। निवेशकों को सलाह है कि 23 जनवरी को पोजीशंस क्लोज कर लें या हेजिंग स्ट्रैटेजी अपनाएं।

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बजट से जुड़ी प्रमुख उम्मीदें और बाजार की प्रतिक्रिया

बजट 2026 में इकोनॉमिक ग्रोथ को 7-7.5% तक पहुंचाने के लिए फोकस होगा, जिसमें M&A एक्टिविटी को बढ़ावा मिल सकता है। टैक्स लिटिगेशन को कम करने के लिए नई इनकम टैक्स बिल पेश की जा सकती है, जो आधी लंबाई की होगी और सरलीकृत होगी। सेक्टर-वाइज, रिन्यूएबल एनर्जी और डिजिटल इंफ्रा पर सब्सिडी बढ़ सकती है, जिससे स्टॉक्स जैसे Reliance Industries या Bharti Airtel में पॉजिटिव मूवमेंट आएगा। पिछले बजट की तरह, मिडिल क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 1 लाख तक बढ़ाने की उम्मीद है, जो कंज्यूमर स्पेंडिंग को बूस्ट देगा।

ट्रेडर्स के लिए टिप्स बजट डे पर

प्री-बजट पोजीशंस: बजट से पहले स्ट्रैडल या स्ट्रैंगल ऑप्शन स्ट्रैटेजी अपनाएं, जहां वॉलेटिलिटी से फायदा हो।

पोस्ट-बजट रिएक्शन: यदि बजट में फिस्कल डेफिसिट को 4.5% पर रखा गया, तो बॉन्ड मार्केट स्टेबल रहेगा, जो इक्विटी को सपोर्ट करेगा।

रिस्क मैनेजमेंट: 26 जनवरी की छुट्टी से पहले मार्जिन चेक करें, क्योंकि सेटलमेंट डिले हो सकता है।

लॉन्ग-टर्म निवेश: बजट में Viksit Bharat थीम पर फोकस से PSU स्टॉक्स जैसे ONGC या SBI में खरीदारी का मौका।

यह व्यवस्था बाजार को मजबूत बनाने की दिशा में एक कदम है, जहां निवेशक राष्ट्रीय इवेंट्स पर तुरंत रिस्पॉन्ड कर सकें।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध खबरों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। टिप्स केवल सूचनात्मक उद्देश्य से हैं।

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