“प्रिया अग्रवाल हेब्बर अनिल अग्रवाल की बेटी हैं, जो वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं। वे सस्टेनेबल माइनिंग और पर्यावरण संरक्षण पर फोकस करती हैं, साथ ही महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में सक्रिय हैं। लंदन में पली-बढ़ीं प्रिया सादगी से जीती हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करती हैं, जिससे वे युवाओं के लिए प्रेरणा बनती हैं।”
प्रिया अग्रवाल हेब्बर अनिल अग्रवाल की छोटी बेटी हैं, जिन्होंने वेदांता ग्रुप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, जहां वे स्ट्रेटेजिक डिसीजन मेकिंग में शामिल रहती हैं। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन के रूप में, वे दुनिया की सबसे बड़ी जिंक प्रोड्यूसर कंपनी को लीड करती हैं, जो भारत की एकमात्र इंटीग्रेटेड जिंक प्रोड्यूसर है।
2026 में, वेदांता ग्रुप ने जाम्बिया में कॉपरटेक मेटल्स इंक लॉन्च किया, जिसमें प्रिया की भूमिका उत्पादन बढ़ाने और 1.5 बिलियन डॉलर इन्वेस्टमेंट की है। वे ग्रुप की ग्लोबल क्रिटिकल मिनरल्स स्ट्रेटेजी को आगे बढ़ाती हैं, जिसमें उत्पादन को FY26 में 140,000 टन से बढ़ाकर 2031 तक 300,000 टन करने का लक्ष्य है।
प्रिया पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी पर जोर देती हैं। वे इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स में हिंदुस्तान जिंक को शामिल करवाने वाली पहली भारतीय कंपनी बनाईं। वे महिलाओं को माइनिंग सेक्टर में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जैसे उदयपुर की माइन को पूरी तरह महिलाओं द्वारा ऑपरेटेड बनाना, जहां प्रोडक्टिविटी में सुधार हुआ है।
वे सोशल वर्क में भी सक्रिय हैं। 16 साल की उम्र में उन्होंने YODA (Youth Organization in Defense of Animals) शुरू किया, जो बेजुबान जानवरों की रक्षा करता है। वे फंड्स खुद जुटाती हैं और ग्रुप की CSR इनिशिएटिव्स जैसे नंदघर प्रोजेक्ट में योगदान देती हैं, जो चाइल्ड न्यूट्रिशन और एजुकेशन पर फोकस करता है।
प्रिया की सादगी उल्लेखनीय है। लंदन में रहते हुए भी वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे ट्यूब या लोकल ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करती हैं। उनके पिता अनिल अग्रवाल ने बताया कि उन्हें कभी स्पेशल प्रिविलेज नहीं दिए गए, जिससे वे इंडिपेंडेंट बनीं। मुंबई में शिफ्ट होने के बाद भी वे सिम्पल लाइफस्टाइल फॉलो करती हैं और भारतीय वैल्यू सिस्टम को महत्व देती हैं।
प्रिया अग्रवाल हेब्बर की प्रमुख जिम्मेदारियां और उपलब्धियां:
| क्षेत्र | जिम्मेदारी/उपलब्धि |
|---|---|
| वेदांता लिमिटेड | नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर; सस्टेनेबल डेवलपमेंट और इनोवेशन पर फोकस |
| हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड | चेयरपर्सन; ग्लोबल लीडरशिप में भारत को मजबूत बनाना, ICMM में पहली भारतीय सदस्यता |
| सोशल इनिशिएटिव्स | YODA फाउंडर; महिलाओं की माइनिंग भागीदारी बढ़ाना, जैसे ऑल-वुमन रेस्क्यू टीम |
| हालिया प्रोजेक्ट्स (2026) | कॉपरटेक मेटल्स में लीडरशिप; उत्पादन विस्तार और 1.5 बिलियन डॉलर इन्वेस्टमेंट |
| पर्यावरण फोकस | नेचर-पॉजिटिव बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन; क्रिटिकल मिनरल्स में इनोवेशन |
प्रिया वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भारत की सस्टेनेबल ग्रोथ को प्रमोट करती हैं। वे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और एनर्जी ट्रांजिशन में क्रिटिकल मिनरल्स की भूमिका पर जोर देती हैं, जो भारत के आत्मनिर्भर भारत विजन से जुड़ा है।
वे राइजिंग राजस्थान जैसे इवेंट्स में वेदांता के 1 लाख करोड़ रुपये इन्वेस्टमेंट को हाइलाइट करती हैं, जो राजस्थान को मल्टी-मेटल और हाइड्रोकार्बन पावरहाउस बनाएगा। उनकी लीडरशिप में ग्रुप महिलाओं की 30% भागीदारी तक पहुंचा है, जो सेक्टर में क्रांतिकारी है।
Disclaimer: यह एक न्यूज रिपोर्ट है जो उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। टिप्स और सोर्सेज का उल्लेख नहीं किया गया है।